भजनलाल सरकार ने चिरंजीवी योजना में किए नए बदलाव, अब पहले के मुकाबले मिलेंगे ज्यादा फायदे

चिरंजीव योजना: अशोक गहलोत सरकार के द्वारा चलाई गई चिरंजीवी योजना पर काफी समय से विवाद चल रहा था। जिस पर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है, कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा। लेकिन इसके नाम को बदल दिया जाएगा।

Mukhyamantri Ayushman Aarogy Yojana: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा चलाई गई चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम को बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया है। यह आदेश राजस्थान की भजनलाल सरकार के द्वारा दिया गया है। चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पर काफी समय से विवाद चल रहा था। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार से अनुरोध किया था, कि इस योजना को बंद न किया जाए बल्कि लोगों की भलाई के लिए शुरू ही रहने दिया जाए। यह योजना लोगों के लिए उपयोगी हैं इसलिए आप इस योजना के नाम को बदल लें । जिस पर भजन लाल सरकार ने राहत देते हुए 19 फरवरी 2024 को फैसला किया है, कि इस योजना का नाम मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना होगा।

भजनलाल सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि इस योजना की शर्तों और प्रावधानों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। जो सेवाएं इस योजना के अंतर्गत नागरिकों को मिल रही थी वह वैसे ही मिलती रहेगी। लेकिन चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के पोस्टर, बैनर और प्रचार – प्रसार आदि में नाम बदलने का आदेश दिया है।

चिरंजीव योजना को लेकर नया आदेश किया जारी

भजनलाल सरकार के आदेशानुसार राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेन्स एजेन्सी की ओर से 19 फरवरी 2024 को एक परिपत्र जारी किया गया। जिसमें बजट 2024-25 की अनुपालना करते हुए राज्य में संचालित चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ किया जाएगा। आदेश अनुसार इस योजना का नाम सभी पोस्टर, बैनर, ऑनलाइन पोर्टल, अस्पतालों के काउंटर, प्रचार प्रसार सामग्री और समस्त प्रिटिंग सामग्री में बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना लिखवाया जाएगा। अब किसी भी पत्राचार में ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ नाम का उपयोग किया जाएगा। योजना में मिलने वाली सेवाएं वैसे की वैसे रहेगी।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में क्या है प्रावधान?

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में चिरंजीव स्वास्थ्य बीमा योजना की सभी सेवाओं को यथावत रखा जाएगा। इसमें नागरिकों को जो पहले सेवाएं प्रदान की जाती थी, वे वैसे की वैसे मिलेगी। राज्य की प्रत्येक परिवार को 25 लाख तक का कैशलेस मुफ्त इलाज मिलेगा। इस योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। अन्य सभी नागरिकों को इस योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रतिवर्ष 850 रुपए का प्रीमियम भुगतान करना होगा। इसके अलावा भजन सरकार ने बताया है, कि इस योजना की शर्ते व प्रावधान यथावत रहेगी।

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